Marilyn Monroe

I’m selfish, impatient and a little insecure. I make mistakes, I am out of control and at times hard to handle. But if you can’t handle me at my worst, then you sure as hell don’t deserve me at my best.

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Doris Lessing

throughout his or her school life is something like this: ‘You are in the process of being indoctrinated. We have not yet evolved a system of education that is not a system of indoctrination. We are sorry, but it is the best we can do. What you are being taught here is an amalgam of current prejudice and the choices of this particular culture. The slightest look at history will show how impermanent these must be. You are being taught by people who have been able to accommodate themselves to a regime of thought laid down by their predecessors. It is a self-perpetuating system. Those of you who are more robust and individual than others will be encouraged to leave and find ways of educating yourself — educating your own judgements. Those that stay must remember, always, and all the time, that they are being moulded and patterned to fit into the narrow and particular needs of this particular society.

T.H. White

and blow, “is to learn something. That’s the only thing that never fails. You may grow old and trembling in your anatomies, you may lie awake at night listening to the disorder of your veins, you may miss your only love, you may see the world about you devastated by evil lunatics, or know your honour trampled in the sewers of baser minds. There is only one thing for it then — to learn. Learn why the world wags and what wags it. That is the only thing which the mind can never exhaust, never alienate, never be tortured by, never fear or distrust, and never dream of regretting. Learning is the only thing for you. Look what a lot of things there are to learn.

कार्ल मार्क्स के प्रमुख सूत्र वाक्य

कार्ल हेनरिख मार्क्स (1818 – 1883) जर्मन दार्शनिक, अर्थशास्त्री और वैज्ञानिक समाजवाद के प्रणेता थे।

उनका जन्म 5 मई, 1818 को त्रेवेस (प्रशा) में एक यहूदी परिवार में हुआ।

मार्क्स ने जर्मनी के मजदूर संगठन और ‘कम्युनिस्ट लीग‘ के निर्माण में सक्रिय योगदान दिया और 1847 में एजेंल्स के साथ ‘अंतर्राष्ट्रीय समाजवाद‘ का प्रथम घोषणापत्र (कम्युनिस्ट मेनिफेस्टो) प्रकाशित किया। 

‘वर्ग संघर्ष‘ का सिद्धांत मार्क्स के ‘वैज्ञानिक समाजवाद‘ का मेरूदंड है।

इसका विस्तार करते हुए उन्होंने इतिहास की भौतिकवादी व्याख्या और बेशी मूल्य (सरप्लस वैल्यू) के सिद्धांत की स्थापनाएं कीं।

मार्क्स के सारे आर्थिक और राजनीतिक निष्कर्ष इन्हीं स्थापनाओं पर आधारित हैं।

विश्व की आम मेहनतकश जनता के लिए लंबा संघर्ष करते हुए 14 मार्च, 1883 को उन्होंने अंतिम सांस ली।

  • पूंजी मृत श्रम है, जो पिशाच की तरह केवल जीवित श्रमिकों का खून चूस कर जिंदा रहता है।
  • हर किसी से उसकी क्षमता के अनुसार, हर किसी को उसकी जरूरत के अनुसार।
  • दुनिया भर के मजदूरों एकजुट हो जाओ, तुम्हारे पास खोने को कुछ नहीं है सिवाये अपनी जंजीरों के।
  • महान सामाजिक बदलाव महिलाओं के उत्थान के बिना असंभव हैं।
  • मानव मस्तिष्क जो न समझ सके, धर्म उससे निपटने की नपुंसकता है।
  • सामाजिक प्रगति समाज में महिलाओं को मिले स्थान से मापी जा सकती है।
  • जरूरत तब तक अंधी होती है जब तक उसे होश न आ जाए, आजादी जरूरत की चेतना होती है।
  • लोगों की खुशी के लिए पहली आवश्यकता है- धर्म का अंत।
  • कंजूस एक पागल पूंजीपति है, पूंजीपति एक तर्क संगत कंजूस।
  • धर्म लोगों के लिए अफीम की तरह है।
  • इतिहास खुद को दोहराता है , पहले एक त्रासदी की तरह , दुसरे एक मज़ाक की तरह।
  • लोकतंत्र समाजवाद का रास्ता है।
  • बिना उपयोगिता के किसी भी वस्तु का कोई मूल्य नहीं होता।
  • पिछले सभी समाजों का इतिहास वर्ग संघर्ष का इतिहास रहा है।
  • अनुभव उस व्यक्ति की प्रशंसा करता है जिसने ज्यादातर लोगों को ख़ुशी दिया हो।
  • क्रांतियां इतिहास का इंजन होती हैं।
  • लोगों की खुशी के लिए धर्म का उन्मूलन जरुरी है।
  • मनुष्य के विचार उनके भौतिक दशा के सबसे प्रत्यक्ष निःसृत पदार्थ हैं।
  • चिकित्सा संदेह के साथ ही रोगों को भी भर देता है।

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