18 सितंबर

 • ग्रेगोरी कैलंडर के अनुसार 18 सितंबर वर्ष का 261 वाँ (लीप वर्ष में यह 262 वाँ) दिन है। साल में अभी और 104 दिन शेष हैं।


*18 सितंबर की महत्त्वपूर्ण घटनाएँ*


• 1180 – फिलिप अगुस्टस फ्रांस का राजा बना।

• 1615 – इंग्लैंड के राजा जेम्स प्रथम के एंबेसडर थामस रॉ जहाँगीर से मिलने सूरत पहुँचा।

• 1803 – अंग्रेजों ने ओडिशा के पुरी पर कब्ज़ा किया।

• 1809 – लंदन में रॉयल ऑपेरा हाउस खुला।

• 1851- न्यूयार्क टाइम्स अख़बार ने प्रकाशन शुरू किया।

• 1922 -हंगरी लीग ऑफ नेशंस में शामिल हुआ।

• 1926 – अमेरिका के मियामी में चक्रवाती तूफान से 250 लोगों की मौत।

• 1967 – नागालैंड ने अंग्रेज़ी को आधिकारिक भाषा के रूप में अपनाया।

• 1987 – अमेरिका और सोवियत संघ ने मध्यम दूरी के मिसाइल को हटाने के लिये हस्ताक्षर किये।

• 1988 – बर्मा ने अपना संविधान रद्द किया।

• 1986 – मुम्बई से पहली बार महिला चालकों ने जेट विमान उड़ाया।

• 1997 – सं.रा. अमेरिका ने ‘होलोग’ नाम से भूमिगत परमाणु परीक्षण किया, ओज़ोन परत की रक्षा के लिए 100 देशों ने सन् 2015 तक मिथाइल ब्रोमाइड का उत्पादन बन्द करने का निश्चय किया।

• 1998 – सं.रा. अमेरिका के ऊपर संयुक्त राष्ट्र का 1 अरब डॉलर बकाये की घोषणा।

• 2003 – ढाका-अगरतला बस सेवा शुरू।

• 2006 – रूसी राकेट सोयूज अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन के लिए रवाना। संयुक्त राष्ट्र महासचिव पद की दौड़ में अफ़ग़ानिस्तान के पूर्व वित्तमंत्री अशरफ़ गनी शामिल।

• 2007 – कनाडा में 1960 के दशक में जीवाश्‍म की खोज से तहलका मचाने वाले भारतीय जियोलॉजिस्‍ट जी.बी. मिश्रा को विशेष सम्‍मान से नवाजा गया।

• 2008- शोभना भरतिया एच.टी. मीडिया की अध्यक्ष नियुक्त हुई।

• 2009 – सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र की कम्पनी एच. सी. एल. के संस्थापक अध्यक्ष शिव नायर को ब्रिटेन के ट्रेड एंड इन्वेस्टमेंट बिजनेस पर्सन ऑफ द ईयर अवार्ड से सम्मानित किया गया। भारत ने लद्दाख क्षेत्र में अपनी एक और हवाई पट्टी खोली।


★18 सितंबर को जन्मे व्यक्ति

• 1906 – काका हाथरसी, भारतीय हास्य कवि

• 1931 – श्रीकांत वर्मा – हिन्दी साहित्य के प्रसिद्ध कथाकार, गीतकार, समीक्षक और राजनीतिज्ञ।

• 1950 – शबाना आज़मी – हिन्दी फ़िल्मों की प्रसिद्ध अभिनेत्री।

• 1979 – विनय राय, भारतीय अभिनेता

• 1983 – सनाया ईरानी, भारतीय अभिनेत्री

• 1900 – शिवसागर रामगुलाम – मॉरीशस के प्रथम मुख्यमंत्री, प्रधानमंत्री एवं छठे गवर्नर-जनरल थे।


★18 सितंबर को हुए निधन


• 2002 – शिवाजी सावंत – मराठी भाषा के प्रसिद्ध साहित्यकार।

• 1992 – मुहम्मद हिदायतुल्लाह – भारत के पहले मुस्लिम मुख्य न्यायाधीश, वे भारत के प्रथम कार्यवाहक राष्ट्रपति थे।

• 1961 – डैग हैमरस्क्जोंल्ड – संयुक्त राष्ट्र के दूसरे महासचिव थे।

• 1953 – असित सेन – हिंदी फ़िल्मों के हास्य अभिनेता थे।

• 1957 – सारंगधर दास – स्वतंत्रता सेनानी थे।

• 1958 – भगवान दास – ‘भारत रत्न’ सम्मानित स्वतंत्रता सेनानी, समाज सेवी और शिक्षा शास्त्री।

• 1930 – जोसेफ़ बैपटिस्टा – प्रसिद्ध राजनीतिज्ञ तथा अधिवक्ता।

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17 सितंबर को जन्मे व्यक्ति

​• 1864 – अनागारिक धर्मपाल

• 1867 – गगनेन्द्रनाथ टैगोर – प्रसिद्ध भारतीय व्यंग्य चित्रकार (कार्टूनिस्ट) थे।

• 1876 – शरतचंद्र चट्टोपाध्याय- बंगाली उपन्यासकार।

• 1879 – ई वी रामास्वामी नायकर- तमिल भारतीय स्वतंत्रता सेनानी, राजनेता और सामाजिक कार्यकर्ता।

• 1915 – मक़बूल फ़िदा हुसैन- प्रसिद्ध भारतीय चित्रकार

• 1930 – लालगुड़ी जयरमण – भारत के प्रसिद्ध वायलिन।

• 1879 – पेरियार ई. वी. रामासामी – भारतीय समाज सुधारक

• 1945 – भक्ति कारु स्वामी – भारतीय आध्यात्मिक नेता

• 1950 – नरेंद्र मोदी- भारतीय राजनीतिज्ञ

• 1872 – वामनराव बलिराम लाखे – भारत की आज़ादी के लिए संघर्ष करने वाले छत्तीसगढ़ के स्वतंत्रता सेनानियों में से एक।

• 1929 – अनंत पै – भारतीय शिक्षा शास्री, अमर चित्रकथा के संस्थापक थे।

आज का इतिहास 17 सितंबर

• ग्रेगोरी कैलंडर के अनुसार 17 सितंबर वर्ष का 260 वाँ (लीप वर्ष में यह 261 वाँ) दिन है। साल में अभी और 105 दिन शेष हैं।
★17 सितंबर की महत्त्वपूर्ण घटनाएँ★

•1630- अमेरिका के बॉस्टन शहर की स्थापना।

• 1761- कोसाब्रोमा का युद्ध लड़ा गया।

• 1948- हैदराबाद रियासत का भारत में विलय।

• 1949- दक्षिण भारतीय राजनीतिक दल द्रविड़ मुन्नेत्र कड़गम (द्रमुक) की स्थापना।

• 1974- बंगलादेश, ग्रेनेडा और गिनी बिसाऊ संयुक्त राष्ट्र संघ में शामिल।

• 1982- भारत और सिलोन(श्रीलंका) के बीच पहला क्रिकेट टेस्ट मैच खेला गया।

• 1995 – चीन की राजधानी बीजिंग में ब्रिटिश शासन के अन्तर्गत अंतिम चुनाव सम्पन्न।

• 1956- भारतीय तेल एवं प्राकृतिक गैस आयोग का गठन।

• 1957- मलेशिया संयुक्त राष्ट्र में शामिल हुआ।

• 1999 – ओसामा बिन लादेन का भारत के विरुद्ध जेहाद का ऐलान।

• 2000 – जाफना प्राय:द्वीप का चवाक छेड़ी शहर लिट्टे से मुक्त।

• 2001 – अमेरिका ने स्पष्ट किया कि कश्मीर पर पाक के साथ कोई सौदेबाजी नहीं।

• 2002 – इराक ने संयुक्त राष्ट्र हथियार निरीक्षकों को बिना शर्त देश में आने की अनुमति दी।

• 2004 – यूरोपीय संसद ने मालदीव पर प्रतिबंध लगाने का प्रस्ताव पारित किया।

• 2006 – हवाना में गुटनिरपेक्ष आन्दोलन का शिखर सम्मेलन शुरू। भारतीय वायु सेना की स्पेशल फ़ोर्स यूनिट गरुड़ कमांडो कांगो के शांति मिशन पर रवाना। गुटनिरपेक्ष देशों की दो दिवसीय शिखर बैठक हवाना में सम्पन्न। भारतीय प्रधानमंत्री डॉक्टर मनमोहन सिंह ने क्यूबा के अस्वस्थ राष्ट्रपति फिदेल कास्त्रो से मुलाकात की। कांधार विमान अपहरण में अलकायदा के हाथ होने की पुष्टि। विश्व कप हॉकी में भारत को 11वां स्थान।

• 2008 – जहाजरानी राज्यमंत्री के. एच. मुनियप्पा ने विश्वकर्मा राष्ट्रीय पुरस्कार एवं राष्ट्रीय संरक्षा पुरस्कार 2006 प्रदान किए।

• 2009 – केन्द्रीय सतर्कता आयोग ने 123 भ्रष्ट सरकारी अधिकारियों के नाम अपनी वेबसाइट पर जारी किए। दिल्ली की दो और बिहार की 18 विधानसभा सीटों के लिए उपचुनाव सम्पन्न हुए।

• 2011- न्यूयॉर्क के जुकोट्टी पार्क में वॉल स्ट्रीट घेरो आंदोलन की शुरूआत।

मौर्यकाल

  1. सबसे प्राचीनतम राजवंश कौन-सा है— मौर्य वंश
  2. मौर्य साम्राज्य की स्थापना किसने की— चंद्रगुप्त मौर्य
  3. मौर्य वंश की स्थापना कब की गई— 322 . पू.
  4. कौटिल्य/चाणक्य किसका प्रधानमंत्री था— चंद्रगुप्त मौर्य का
  5. चाणक्य का दूसरा नाम क्या था— विष्णु गुप्त
  6. चंदगुप्त के शासन विस्तार में सबसे अधिक मदद किसने की— चाणक्य ने
  7. किसकी तुलना मैकियावेली के ‘प्रिंस’ से की जाती है— कौटिल्य का अर्थशास्त्र
  8. किस शासक ने सिंहासन पर बैठने के लिए अपने बड़े भाई की हत्या की थी— अशोक
  9. सम्राट अशोक की उस पत्नी का नाम क्या था जिसने उसे प्रभावित किया था— कारुवाकी
  10. अशोक ने सभी शिलालेखों में एक रुपया से किस प्राकृत का प्रयोग किया था— मागधी
  11. बिंदुसार ने विद्रोहियों को कुचलने के लिए अशोक को कहाँ भेजा था— तक्षशिला
  12. किस सम्राट का नाम ‘देवान प्रियादर्शी’ था— सम्राट अशोक
  13. किस राजा ने कलिंग के युद्ध में नरसंहार को देखकर बौद्ध धर्म अपना लिया था— अशोक ने
  14. कलिंग का युद्ध कब हुआ— 261 . पू.
  15. प्राचीन भारत का कौन-सा शासक था जिसने अपने अंतिम दिनों में जैनधर्म को अपना लिया था— चंद्रगुप्त मौर्य
  16. मौर्य साम्राज्य में कौन-सी मुद्रा प्रचलित थी— पण
  17. अशोक का उत्तराधिकारी कौन था— कुणाल
  18. अर्थशास्त्र का लेखक किसके समकालीन था— चंद्रगुप्त मौर्य
  19. मौर्य काल में शिक्षा का प्रसिद्ध केंद्र कौन-सा था— तक्षशिला
  20. यूनान के शासक सेल्यूकस ने अपने राजदूत मेगास्थनीज को किसके राज दरबार में भारत भेजा— चंद्रगुप्त मौर्य
  21. चंद्रगुप्त मौर्य ने सेल्यूकस को कब पराजित किया— 305 . पू.
  22. मेगस्थनीज की पुस्तक का क्या नाम है— इंडिका
  23. किसके ग्रंथ में चंद्रगुप्त मौर्य के विशिष्ट रूप का वर्णन हुआ है— विशाखदत्त के ग्रंथ में
  24. ‘मुद्राराक्षस’ के लेखक कौन है— विशाखदत्त
  25. किस स्त्रोत में पाटलिपुत्र के प्रशासन का वर्णन है— इंडिका
  26. अशोक के शिलालेखों में कौन-सी भाषा थी— पाकृत
    किस मौर्य राजा ने दक्कन पर विजय प्राप्त की थी— कुणाल ने
  27. मेगास्थनीज द्वारा अपनी पुस्तक में समाज को कितने भागों में बाँटा गया था— पाँच
  28. ‘अर्थशास्त्र’ किसके संबंधित है— राजनीतिक नीतियों से
  29. किस शासक ने पाटलिपुत्र को अपनी राजधानी बनाया— चंद्रगुप्त मौर्य ने
  30. पाटलिपुत्र में चंद्रगुप्त का महल किसका बना था— लकड़ी का
  31. किस अभिलेख से यह सिद्ध होता है कि चंद्रगुप्त का प्रभाव पश्चिम भारत तक फैला हुआ था— रुद्रदमन का जूनागढ़ अभिलेख
  32. सर्वप्रथम भारतीय साम्राज्य किसने स्थापित किया— चंद्रगुप्त मौर्य ने
  33. किस स्तंभ में अशोक ने स्वयं को मगध का सम्राट बताया है— भाब्रू स्तंभ
  34. उत्तराखंड में अशोक का शिलालेख कहाँ स्थित है— कालसी में
  35. अशोक के शिलालेखों को पढ़ने वाला प्रथम अंग्रेज कौन था— जेम्स प्रिंसेप
  36. कलिंग युद्ध की विजय तथा क्षत्रियों का वर्णन किया शिलालेख में है— 13वें शिलालेख में (XIII)
  37. कौन-सा शासक जनता के संपर्क में रहता था— अशोक
  38. किस ग्रंथ में चंद्रगुप्त मौर्य के लिए ‘वृषल’ शब्द का प्रयोग किया गया है— मुद्राराक्षस
  39. किस राज्यादेश में अशोक के व्यक्तिगत नाम का उल्लेख मिलता है— मास्की
  40. श्रीनगर की स्थापना किस मौर्य शासक ने की— अशोक
  41. किस ग्रंथ में शुद्रों के लिए ‘आर्य’ शब्द का प्रयोग हुआ है— अर्थशास्त्र में
  42. किसने पाटलिपुत्र को ‘पोलिब्रोथा’ कहा था— मेगास्थनीज ने
  43. मौर्य काल में ‘एग्रनोमाई’ किसको कहा जाता था— सड़क निर्माण अधिकारी को
  44. अशोक के बारे में जानने के लिए महत्पूर्ण स्त्रोत क्या है— शिलालेख
  45. ‘भारतीय लिखने की कला नहीं जानते हैं’ यह किसने कहा था— मेगास्थनीज ने
  46. बिंदुसार की मृत्यु के समय अशोक एक प्रांत का गवर्नर था, वह प्रांत कौन-सा था— उज्जैन
  47. किसने अपने पुत्र व पुत्री को बौद्ध धर्म के प्रचार व प्रसार हेतु श्रीलंका भेजा— अशोक ने
  48. कौटिल्य द्वारा रचित अर्थशास्त्र कितने अभिकरणों में विभाजित है— 15
  49. अशोक का अभिलेख भारत के अलावा किस अन्य स्थान पर भी पाया गया है— अफगानिस्तान
  50. किस शिलालेख में अशोक ने घोषणा की, ‘‘सभी मनुष्य मेरे बच्चे है’’— प्रथम पृथक शिलालेख में
  51. किस स्थान से अशोक के शिलालेख के लिए पत्थर लिया जाता था— चुनार से
  52. किस महीने में मौर्यों का राजकोषीय वर्ष आरंभ होता था— आषाढ़ (जुलाई)
  53. किस जैन ग्रंथ में चंद्रगुप्त मौर्य के जैन धर्म अपनाने का उल्लेख मिलता है— परिशिष्ट पर्व में
  54. चंद्रगुप्त मौर्य का संघर्ष किस यूनानी शासक से हुआ— सेल्यूकस से
  55. एरियन ने चंद्रगुप्त मौर्य को क्या नाम दिया— सैंड्रोकोट्स
  56. किस ग्रंथ में चंद्रगुप्त मौर्य के लिए ‘कुलहीन’ शब्द का प्रयोग हुआ— मुद्राराक्षस
  57. किस ग्रंथ में दक्षिणी भारत के आक्रमणों का पता चलता है— तमिल ग्रंथ अहनानूर
  58. चंद्रगुप्त मौर्य का निधन कब हुआ— 297 . पू.

वैदिक कालीन धार्मिक अवस्था

आर्यों के धार्मिक विचार, विश्वास और आस्था की झलक हमें ऋग्वेद से प्राप्त होती है। धार्मिक मतभेद के कारण ही भारतीय आर्य ईरान छोड़कर भारत में बस गए थे। उनके धर्म को ‘देवधर्म’ कहा गया। भारतवर्ष में धीरे-धीरे उनके धार्मिक और आध्यात्मिक विचारों का विकास हुआ। सरल ह्रदय आर्य प्रकृति के संपर्क में आया। उसकी रहस्यमयी शक्ति को देखकर वह आश्चर्यचकित और भयभीत हुआ। उसने उसकी आराधना और उपासना की। कालांतर में उसने प्रकृति के रहस्यमय स्वरूप का मानवीकरण कर डाला और उन्हें देवी-देवताओं का रूप दे डाला। वास्तव में ‘देवता’ का अर्थ ‘प्रकाश का ज्ञान देने वाला’ होता है। ऋग्वेद में 33 देवताओं का उल्लेख मिलता है जिन्हें तीन वर्गों में विभाजित किया जा सकता है:

१ आकाशवाणी देवता- द्यौ, वरुण, मित्र, सूर्य, सविता, उषा इत्यादि।

२ अंतरिक्षवासी देवता- इंद्र, रूद्र, वायु, मरुत इत्यादि।

३ पृथ्वीवासी देता- पृथ्वी, अग्नि,सोम, बृहस्पति, सरस्वती इत्यादि।

देवताओं को प्रसन्न करने और उनकी कृपा प्राप्त करने के लिए वैदिक आर्य उनकी स्तुति तथा यज्ञ करते थे। पशुबलि भी अर्पित करते थे। परंतु उन्होंने किसी देवता को प्रमुखता प्रदान नहीं की, सभी उनके लिए पूज्य थे, शक्तिशाली थे। इस प्रकार ‘बहुदेवतावाद’ का विकास हआ। परंतु आर्यों की जिज्ञासा यहीं तक सीमित नहीं रही। उन्होंने अनुभव किया कि इन समस्त देवताओं के ऊपर एक सर्वोच्च सत्ता, एक परम तत्व है। इसको वैदिक ऋषियों ने विभिन्न नामों – ‘हिरण्यगर्भा’, ‘प्रजापति’ तथा ‘विश्वकर्मा’ – से अभिव्यक्त किया और यह प्रतिपादित किया कि ‘सत्’ एक ही है। इस प्रकार उन्होंने ‘एकेश्वरवाद’ की परिकल्पना प्रस्तुत की।

ऋग्वेद में पाप-पुण्य, स्वर्ग-नरक का वर्णन मिलता है। वे आत्मा तथा पुनर्जन्म में विश्वास करते थे। ऋग्वेद में अमरता का उल्लेख मिलता है। परंतु वैराग्य और मोक्ष में उनकी आस्था नहीं थी। उन्होंने नैतिकता पर विशेष जोर दिया।

वैदिक कालीन आर्थिक अवस्था

ऋगवैदिक सभ्यता ग्राम सभ्यता थी। अतएव ऋग्वैदिक आर्थिक जीवन का मुख्य आधार गांव थे।

I) पशुपालन- पशुपालन वैदिक आर्यों का प्रमुख धंधा था। आर्य समाज में गाय की बड़ी महत्ता थी। अनेक ऋचाओं में गोधन के वृद्धि की प्रार्थना की गई है। वास्तव में पशु ही उनके धन थे। गाय के अतिरिक्त वे भेड़, बकरी, घोड़े, गधे, कुत्ते आदि पशुओं को भी पालते थे। चारागाह एवं चरवाहा का भी उल्लेख मिलता है। पशुओं के कानों में चिन्ह बनाने की भी प्रथा प्रचलित थी।

II) कृषि पशु-पालन के बाद कृषि ऋग्वैदिक आर्यों का प्रमुख उद्यम था। खेतों को बैल और हल द्वारा जोतते थे। जूती हुई भूमि को ‘उर्वर’ या ‘क्षेत्र’ कहते थे। हलों को छ:, आठ, और बारह बैलों द्वारा खींचने का भी वर्णन मिलता है। वे खाद का प्रयोग भी जानते थे। नदियों, कुओं, तालाबों और नहरों के पानी से सिंचाई की जाती थी। ऋग्वेद में फसलों को हंसिया से काटकर फिर अन्न को अलग-अलग करने का उल्लेख मिलता है। फसलों को क्षति पहुंचाने वाले कीड़े-मकोड़ों, पक्षियों आदि का भी ऋग्वेद में उल्लेख मिलता है। साधारणत: कृषि वर्षा के पानी पर निर्भर होती थी। अतिवृष्टि तथा अनावृष्टि से फसलें नष्ट हो जाती थी। अनेक मंत्रों में देवताओं से वर्षा के लिए प्रार्थना की गई है।

III) व्यापार तथा उद्योग- ऋग्वेद में विभिन्न प्रकार के गृह-उद्योगों का वर्णन मिलता है। सूत कातना एवं वस्र बनाना को ऋग्वैदिक आर्यों का प्रमुख उद्योग था। ऋग्वैदिक अर्थव्यवस्था में ‘लक्षण’ या बढ़ई का विशेष महत्व था। उन्हें लोहे का ज्ञान था और वे लोहे से अस्त्र-शस्रों का निर्माण करते थे। ‘कर्मकार’ या लुहार का भी ऋग्वैदिककालीन अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण स्थान था। इनके अतिरिक्त ऋग्वेद में ‘हिरण्यकार’ या सुनार, चर्मकार और कुंभार का भी उल्लेख मिलता है।

ऋग्वेदिक आर्य व्यापार करते थे। आंतरिक व्यापार गाड़ियों और नावों द्वारा होता था। बड़ी-बड़ी नौकाओं द्वारा व्यापार का उल्लेख मिलता है। साधारणत: वस्तु विनिमय का प्रचलन था। परंतु निष्क (एक प्रकार का आभूषण) का प्रयोग मुद्रा के रूप में होता था विदेशों से भी व्यापार होता था। सामुद्रिक यात्राओं का वर्णन मिलता है। ऋग्वेद में ऋण और ब्याज का उल्लेख मिलता है।

भारत की नदियाँ 

● भारत की पवित्र नदी कौन-सी है — गंगा

● गंगा को बांग्लादेश में किस नाम से जाना जाता है — पद्मा

● गंगा एवं ब्रह्मपुत्र की संयुक्त जलधारा किस नाम से जानी जाती है — मेघना

● भारत की कौन-सी नदी सुंदरवन डेल्टा बनाती है गंगा व ब्रह्मपुत्र

● सांगपो नदी किस राज्य से होकर भारत में प्रवेश करती है — अरुणाचल प्रदेश

● तवा किसकी सहायक नदी है — नर्मदा

● किस नदी को ‘बिहार का शोक’ कहा जाता है — कोसी

● कौन-सी नदी ‘बगाल का शोक’ कही जाती है — दामोदर नदी

● कौन-सी नदी भ्रंश दोणी से होकर बहती है — नर्मदा

● हाल ही में केंद्र सरकार ने किस नदी को राष्ट्रीय दर्जा देने की घोषणा की है — गंगा

● प्रायद्वीपीय भारत की सबसे बड़ी नदी कौन-सी है — गोदावरी

● भारत में बहने के अनुसार भारत की सबसे लंबी नदी कौन-सी है — गंगा

● कावेरी नदी कहाँ गिरती है — बंगाल की खाड़ी में

● पंजाब के निर्माण में सबसे महत्वपूर्ण नदी कौन-सी है — सिंधु

● कौन-सी नदी पश्चिम की ओर बहती है और अरब सागर में गिरती है — नर्मदा

● कौन-सी दो नदियों की लंबाई लगभग समान है — सिंधु (2880 किमी) व ब्रह्मपुत्र (2900 किमी)

● कावेरी जल विवाद किन राज्यों के बीच है — कर्नाटक और तमिलनाडु

● किस नदी को वृहद् गंगा के नाम से जाना जाता है — गोदावरी

● कौन-सी नदी अपना मार्ग बदलने के लिए प्रसिद्ध है — कोसी

● कौन-सी नदी ‘कपिल जलधारा प्रपात’ का निर्माण करती है— नर्मदा

● कौन-सी नदी ‘ओड़िशा का शोक’ कही जाती है — ब्राह्मणी

● वैन गंगा और पैन गंगा किस की सहायक नदी हैं — गोदावरी

● इंडोब्रह्मा है एक….. — पौराणिक नदी

● किस नदी पर सबसे लंबा सड़क पुल है — गंगा

● कौन-सी नदी विश्व का सबसे बड़ा द्वीप ‘मजुली’ बनाती है — ब्रह्मपुत्र

● नर्मदा नदी का अधिकांश भाग भारत के किस राज्य में बहता है — मध्य प्रदेश

● नदियों को जोड़ने की योजना किसके शासन काल में प्रस्तातिव हुई — राजग सरकार

● कौन-सी नदी रिफ्ट घाटी से होकर बहती है — ताप्ती

● कौन-सी नदी पर भारत व पाकिस्तान का जल समझौता हुआ — सिंधु

● सिंधु समझौते के अनुसार भारत सिन्धु नदी के कितने % जल का प्रयोग कर सकता है — 20%

● प्रायद्वीपीय नदियों का उत्तर से दक्षिण की ओर क्रम क्या है — महानदी, गोदावरी, कृष्णा, पेन्नार, कावेरी एवं वैगाई

● कौन-सी नदी भारत के केवल जम्मू-कश्मीर राज्य से होकर बहती है — सिंधु नदी

● पंचगंगा तथा दूधगंगा किसकी सहायक नदियाँ है कृष्णा नदी

● दामोदर नदी कहाँ से निकलती है — छोटा नागपुर के पठार से

● दक्षिणी भारत के पठारी प्रदेशों को कौन-सी नदी दो भागों में विभाजित करती है — नर्मदा नदी

● शिप्रा नदी किसकी सहायक नदी है — चंबल नदी

● भारत की कौन-सी नदी का मुहाना एवं उद्गम स्थल दोनों भारत में ही है — दक्षिण की ओर

● किस नदी के किनारे पर प्रसिद्ध महाकालेश्वर मंदिर है — नर्मदा नदी

● विश्व का सबसे बड़ा डेल्टा किन नदियाँ द्वारा निर्मित होता हैं — गंगा एवं ब्रह्मपुत्र द्वारा

● किस स्थान पर भागीरथी और अलकनंदा मिलकर गंगा का निर्माण करती है — देवप्रयाग में

● अरावली पर्वत श्रृंखला किस नदी प्रणाली से विभाजित होती है — चंबल एवं साबरमती

● लूनी नदी कहाँ गिरती है — कच्छ का रन

● तिब्बत में मानसरोवर झील के पास से कौन-सी नदियां निकलती हैं — सतलज, सिंधु, ब्रह्मपुत्र

● कौन-सी मुख्य प्रायद्वीपीय नदियां डेल्टा का निर्माण नहीं करती हैं — नमर्दा एवं ताप्ती

● कौन-सी नदी बांग्लादेश में जमुना के नाम से जानी जाती है — ब्रह्मपुत्र

● किस नदी को दूसरी गंगा के नाम से जाना जाता है — कावेरी नदी को

● पेन्नार की सहायक नदियाँ कौन-सी है — पापाधनी एवं चित्रावती

प्राचीन भारत का इतिहास

सिंधु घाटी सभ्यता

  • इतिहास का पिता किसे समझा जाता है—हेरोडोटस 
  • जिस काल में मानव की घटनाओं का कोई लिखित वर्णन नहीं होता, उस काल को क्या कहा जाता है—प्रागैतिहासिक काल 
  • मानव जीवन की घटनाओं का लिखित वर्णन क्या कहलाता है—इतिहास 
  • आग का अविष्कार किस युग में हुआ—पुरापाषण युग में 
  • पुरापाषण युग में मानव की जीविका का मुख्य आधार क्या था—शिकार करना 
  • पहिए का अविष्कार किस युग में हुआ—नवपाषण युग में 
  • हड़प्पा सभ्यता का प्रचलित नाम कौन-सा है—सिंधु घाटी की सभ्यता 
  • सिंधु की सभ्यता का काल क्या माना जाता है—2500 ई. पू. से 1750 ई.पू. 
  • सिंधु की घाटी सभ्यता में सर्वप्रथम घोड़े के अवशेष कहाँ मिले—सुरकोटदा 
  • सिंधु की घाटी सभ्यता के लोगों का मुख्य व्यवसाय क्या था—व्यापार 
  • हड़प्पा की सभ्यता किस युग की सभ्यता थी—कांस्य युग 
  • सिंधु की घाटी सभ्यता में घर किससे बने थे—ईंटों से 
  • हड़प्पा के लोग कौन-सी फसल में सबसे आगे थे—कपास 
  • हड़प्पा की सभ्यता की खोज सर्वप्रथम किसने की—दयाराम साहनी
  • सिंधु सभ्यता का प्रमुख बंदरगाह कौन-सा था—लोथल (गुजरात)
  • सिंधु की घाटी सभ्यता का स्थल ‘कालीबंगा’ किस प्रदेश में है— राजस्थान में
  • हड़प्पा की सभ्यता की खोज किस वर्ष हुई थी—1921 ई. 
  • हड़प्पा के लोगों की सामाजिक पद्धति कैसी थी—उचित समतावादी 
  • नखलिस्तान सिंधु सभ्यता के किस स्थल को कहा गया है—मोहनजोदड़ो 
  • हड़प्पा की सभ्यता में हल से खेत जोतने का साक्ष्य कहाँ मिला—कालीबंगा 
  • सैंधव सभ्यता की ईंटों का अलंकरण किस स्थान से प्राप्त हुआ—कालीबंगा 
  • सिंधु की सभ्यता में एक बड़ा स्नानघर कहाँ मिला—मोहनजोदड़ो में 
  • सिंधु सभ्यता की मुद्रा पर किस देवता का चित्र अंकित था—आघशिव 
  • मोहनजोदड़ो को एक अन्य किस नाम से जाना जाता है—मृतकों का टीला 
  • सैंधव स्थलों के उत्खन्न से प्राप्त मोहरों पर किस पशु का प्रकीर्णन सर्वाधिक हुआ—बैल 
  • सिन्धु सभ्यता का कौन-सा स्थान भारत में स्थित है—लोथल 
  • भारत में खोजा गया सबसे पहला पुराना शहर कौन-सा था—हड़प्पा 
  • भारत में चाँदी की उपलब्धता के साक्ष्य कहाँ मिले—हड़प्पा की संस्कृति में 
  • मांडा किस नदी पर स्थित था—चिनाब पर 
  • हड़प्पा की सभ्यता का प्रमुख स्थल रोपड़ किस नदी पर स्थित था—सतलज नदी 
  • हड़प्पा में एक अच्छा जलप्रबंधन का पता किस स्थान से चलता है—धोलावीरा से 
  • सिंधु सभ्यता के लोग मिट्टी के बर्तनों पर किस रंग का प्रयोग करते थे—लाल रंग 
  • सिंधु घाटी की सभ्यता किस युग में थी—आद्य-ऐतिहासिक युग में 
  • सिंधु घाटी का सभ्यता की खोज में जिन दो भारतीय लोगों के नाम जुड़े हैं, वे कौन हैं—दयाराम साहनी और आर.डी. बनर्जी 
  • सिंधु घाटी सभ्यता की प्रमुख फसल कौन-सी थी—जौ एवं गेहूँ 
  • हड़प्पा की समकालीन सभ्यता रंगपुर कहाँ है—सौराष्ट्र में 
  • हड़प्पा और मोहनजोदड़ो की खुदाई किसने कराई—सर जॉन मार्शल 
  • सिंधु सभ्यता के लोग सबसे अधिक किस देवता में विश्वास रखते थे—मातृशक्ति 
  • हड़प्पा की सभ्यता में मोहरे किससे बनी थी—सेलखड़ी से 
  • किस स्थान से नृत्य मुद्रा वाली स्त्री की कांस्य मूर्ति प्राप्त हुई—मोहनजोदड़ो से 
  • मोहनजोदड़ो इस समय कहाँ स्थित है— सिंध, पाकिस्तान
  • हड़प्पावासियों ने सर्वप्रथम किस धातु का प्रयोग किया—ताँबे का 
  • स्वतंत्रता के बाद भारत में हड़प्पा के युग के स्थानों की खोज सबसे अधिक किस राज्य में हुई—गुजरात 
  • हड़प्पा के निवासी किस धातु से परिचित नहीं थे—लोह से 
  • हड़प्पा की सभ्यता किस युग की सभ्यता थी—ताम्रयुग 
  • हड़प्पा का प्रमुख नगर कालीबंगन किस राज्य में है—राजस्थान में 
  • हड़प्पा के निवासी किस खेल में रूचि रखते थे—शतरंज 
  • हड़प्पा के किस नगर को ‘सिंध का बाग’ कहा जाता था—मोहनजोदड़ो को 
  • मोहनजोदड़ो का शाब्दिक अर्थ क्या है—मृतकों का टीला 
  • हड़प्पा के निवासी घरों एवं नगरों के विन्यास के लिए किस पद्धति को अपनाते थे—ग्रीड पद्धति को 

Governors-General and Viceroys of India: 1858–1947

Governors-General and Viceroys of India: 1858–1947

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Name

Began

Ended

The Viscount Canning
from 1859, the Earl Canning
1 November 1858 21 March 1862
The Earl of Elgin 21 March 1862 20 November 1863
Sir Robert Napier
(Provisional)
21 November 1863 2 December 1863
Sir William Denison
(Provisional)
2 December 1863 12 January 1864
Sir John Lawrence 12 January 1864 12 January 1869
The Earl of Mayo 12 January 1869 8 February 1872
Sir John Strachey
(Provisional)
9 February 1872 23 February 1872
The Lord Napier
(Provisional)
24 February 1872 3 May 1872
The Lord Northbrook 3 May 1872 12 April 1876
The Lord Lytton 12 April 1876 8 June 1880
The Marquess of Ripon 8 June 1880 13 December 1884
The Earl of Dufferin 13 December 1884 10 December 1888
The Marquess of Lansdowne 10 December 1888 11 October 1894
The Earl of Elgin 11 October 1894 6 January 1899
The Lord Curzon of Kedleston 6 January 1899 18 November 1905
The Earl of Minto 18 November 1905 23 November 1910
The Lord Hardinge of Penshurst 23 November 1910 4 April 1916
The Lord Chelmsford 4 April 1916 2 April 1921
The Earl of Reading 2 April 1921 3 April 1926
The Lord Irwin 3 April 1926 18 April 1931
The Earl of Willingdon 18 April 1931 18 April 1936
The Marquess of Linlithgow 18 April 1936 1 October 1943
The Viscount Wavell 1 October 1943 21 February 1947
The Viscount Mountbatten of Burma 21 February 1947 15 August 1947

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