मौर्यकाल

  1. सबसे प्राचीनतम राजवंश कौन-सा है— मौर्य वंश
  2. मौर्य साम्राज्य की स्थापना किसने की— चंद्रगुप्त मौर्य
  3. मौर्य वंश की स्थापना कब की गई— 322 . पू.
  4. कौटिल्य/चाणक्य किसका प्रधानमंत्री था— चंद्रगुप्त मौर्य का
  5. चाणक्य का दूसरा नाम क्या था— विष्णु गुप्त
  6. चंदगुप्त के शासन विस्तार में सबसे अधिक मदद किसने की— चाणक्य ने
  7. किसकी तुलना मैकियावेली के ‘प्रिंस’ से की जाती है— कौटिल्य का अर्थशास्त्र
  8. किस शासक ने सिंहासन पर बैठने के लिए अपने बड़े भाई की हत्या की थी— अशोक
  9. सम्राट अशोक की उस पत्नी का नाम क्या था जिसने उसे प्रभावित किया था— कारुवाकी
  10. अशोक ने सभी शिलालेखों में एक रुपया से किस प्राकृत का प्रयोग किया था— मागधी
  11. बिंदुसार ने विद्रोहियों को कुचलने के लिए अशोक को कहाँ भेजा था— तक्षशिला
  12. किस सम्राट का नाम ‘देवान प्रियादर्शी’ था— सम्राट अशोक
  13. किस राजा ने कलिंग के युद्ध में नरसंहार को देखकर बौद्ध धर्म अपना लिया था— अशोक ने
  14. कलिंग का युद्ध कब हुआ— 261 . पू.
  15. प्राचीन भारत का कौन-सा शासक था जिसने अपने अंतिम दिनों में जैनधर्म को अपना लिया था— चंद्रगुप्त मौर्य
  16. मौर्य साम्राज्य में कौन-सी मुद्रा प्रचलित थी— पण
  17. अशोक का उत्तराधिकारी कौन था— कुणाल
  18. अर्थशास्त्र का लेखक किसके समकालीन था— चंद्रगुप्त मौर्य
  19. मौर्य काल में शिक्षा का प्रसिद्ध केंद्र कौन-सा था— तक्षशिला
  20. यूनान के शासक सेल्यूकस ने अपने राजदूत मेगास्थनीज को किसके राज दरबार में भारत भेजा— चंद्रगुप्त मौर्य
  21. चंद्रगुप्त मौर्य ने सेल्यूकस को कब पराजित किया— 305 . पू.
  22. मेगस्थनीज की पुस्तक का क्या नाम है— इंडिका
  23. किसके ग्रंथ में चंद्रगुप्त मौर्य के विशिष्ट रूप का वर्णन हुआ है— विशाखदत्त के ग्रंथ में
  24. ‘मुद्राराक्षस’ के लेखक कौन है— विशाखदत्त
  25. किस स्त्रोत में पाटलिपुत्र के प्रशासन का वर्णन है— इंडिका
  26. अशोक के शिलालेखों में कौन-सी भाषा थी— पाकृत
    किस मौर्य राजा ने दक्कन पर विजय प्राप्त की थी— कुणाल ने
  27. मेगास्थनीज द्वारा अपनी पुस्तक में समाज को कितने भागों में बाँटा गया था— पाँच
  28. ‘अर्थशास्त्र’ किसके संबंधित है— राजनीतिक नीतियों से
  29. किस शासक ने पाटलिपुत्र को अपनी राजधानी बनाया— चंद्रगुप्त मौर्य ने
  30. पाटलिपुत्र में चंद्रगुप्त का महल किसका बना था— लकड़ी का
  31. किस अभिलेख से यह सिद्ध होता है कि चंद्रगुप्त का प्रभाव पश्चिम भारत तक फैला हुआ था— रुद्रदमन का जूनागढ़ अभिलेख
  32. सर्वप्रथम भारतीय साम्राज्य किसने स्थापित किया— चंद्रगुप्त मौर्य ने
  33. किस स्तंभ में अशोक ने स्वयं को मगध का सम्राट बताया है— भाब्रू स्तंभ
  34. उत्तराखंड में अशोक का शिलालेख कहाँ स्थित है— कालसी में
  35. अशोक के शिलालेखों को पढ़ने वाला प्रथम अंग्रेज कौन था— जेम्स प्रिंसेप
  36. कलिंग युद्ध की विजय तथा क्षत्रियों का वर्णन किया शिलालेख में है— 13वें शिलालेख में (XIII)
  37. कौन-सा शासक जनता के संपर्क में रहता था— अशोक
  38. किस ग्रंथ में चंद्रगुप्त मौर्य के लिए ‘वृषल’ शब्द का प्रयोग किया गया है— मुद्राराक्षस
  39. किस राज्यादेश में अशोक के व्यक्तिगत नाम का उल्लेख मिलता है— मास्की
  40. श्रीनगर की स्थापना किस मौर्य शासक ने की— अशोक
  41. किस ग्रंथ में शुद्रों के लिए ‘आर्य’ शब्द का प्रयोग हुआ है— अर्थशास्त्र में
  42. किसने पाटलिपुत्र को ‘पोलिब्रोथा’ कहा था— मेगास्थनीज ने
  43. मौर्य काल में ‘एग्रनोमाई’ किसको कहा जाता था— सड़क निर्माण अधिकारी को
  44. अशोक के बारे में जानने के लिए महत्पूर्ण स्त्रोत क्या है— शिलालेख
  45. ‘भारतीय लिखने की कला नहीं जानते हैं’ यह किसने कहा था— मेगास्थनीज ने
  46. बिंदुसार की मृत्यु के समय अशोक एक प्रांत का गवर्नर था, वह प्रांत कौन-सा था— उज्जैन
  47. किसने अपने पुत्र व पुत्री को बौद्ध धर्म के प्रचार व प्रसार हेतु श्रीलंका भेजा— अशोक ने
  48. कौटिल्य द्वारा रचित अर्थशास्त्र कितने अभिकरणों में विभाजित है— 15
  49. अशोक का अभिलेख भारत के अलावा किस अन्य स्थान पर भी पाया गया है— अफगानिस्तान
  50. किस शिलालेख में अशोक ने घोषणा की, ‘‘सभी मनुष्य मेरे बच्चे है’’— प्रथम पृथक शिलालेख में
  51. किस स्थान से अशोक के शिलालेख के लिए पत्थर लिया जाता था— चुनार से
  52. किस महीने में मौर्यों का राजकोषीय वर्ष आरंभ होता था— आषाढ़ (जुलाई)
  53. किस जैन ग्रंथ में चंद्रगुप्त मौर्य के जैन धर्म अपनाने का उल्लेख मिलता है— परिशिष्ट पर्व में
  54. चंद्रगुप्त मौर्य का संघर्ष किस यूनानी शासक से हुआ— सेल्यूकस से
  55. एरियन ने चंद्रगुप्त मौर्य को क्या नाम दिया— सैंड्रोकोट्स
  56. किस ग्रंथ में चंद्रगुप्त मौर्य के लिए ‘कुलहीन’ शब्द का प्रयोग हुआ— मुद्राराक्षस
  57. किस ग्रंथ में दक्षिणी भारत के आक्रमणों का पता चलता है— तमिल ग्रंथ अहनानूर
  58. चंद्रगुप्त मौर्य का निधन कब हुआ— 297 . पू.

वैदिक कालीन धार्मिक अवस्था

आर्यों के धार्मिक विचार, विश्वास और आस्था की झलक हमें ऋग्वेद से प्राप्त होती है। धार्मिक मतभेद के कारण ही भारतीय आर्य ईरान छोड़कर भारत में बस गए थे। उनके धर्म को ‘देवधर्म’ कहा गया। भारतवर्ष में धीरे-धीरे उनके धार्मिक और आध्यात्मिक विचारों का विकास हुआ। सरल ह्रदय आर्य प्रकृति के संपर्क में आया। उसकी रहस्यमयी शक्ति को देखकर वह आश्चर्यचकित और भयभीत हुआ। उसने उसकी आराधना और उपासना की। कालांतर में उसने प्रकृति के रहस्यमय स्वरूप का मानवीकरण कर डाला और उन्हें देवी-देवताओं का रूप दे डाला। वास्तव में ‘देवता’ का अर्थ ‘प्रकाश का ज्ञान देने वाला’ होता है। ऋग्वेद में 33 देवताओं का उल्लेख मिलता है जिन्हें तीन वर्गों में विभाजित किया जा सकता है:

१ आकाशवाणी देवता- द्यौ, वरुण, मित्र, सूर्य, सविता, उषा इत्यादि।

२ अंतरिक्षवासी देवता- इंद्र, रूद्र, वायु, मरुत इत्यादि।

३ पृथ्वीवासी देता- पृथ्वी, अग्नि,सोम, बृहस्पति, सरस्वती इत्यादि।

देवताओं को प्रसन्न करने और उनकी कृपा प्राप्त करने के लिए वैदिक आर्य उनकी स्तुति तथा यज्ञ करते थे। पशुबलि भी अर्पित करते थे। परंतु उन्होंने किसी देवता को प्रमुखता प्रदान नहीं की, सभी उनके लिए पूज्य थे, शक्तिशाली थे। इस प्रकार ‘बहुदेवतावाद’ का विकास हआ। परंतु आर्यों की जिज्ञासा यहीं तक सीमित नहीं रही। उन्होंने अनुभव किया कि इन समस्त देवताओं के ऊपर एक सर्वोच्च सत्ता, एक परम तत्व है। इसको वैदिक ऋषियों ने विभिन्न नामों – ‘हिरण्यगर्भा’, ‘प्रजापति’ तथा ‘विश्वकर्मा’ – से अभिव्यक्त किया और यह प्रतिपादित किया कि ‘सत्’ एक ही है। इस प्रकार उन्होंने ‘एकेश्वरवाद’ की परिकल्पना प्रस्तुत की।

ऋग्वेद में पाप-पुण्य, स्वर्ग-नरक का वर्णन मिलता है। वे आत्मा तथा पुनर्जन्म में विश्वास करते थे। ऋग्वेद में अमरता का उल्लेख मिलता है। परंतु वैराग्य और मोक्ष में उनकी आस्था नहीं थी। उन्होंने नैतिकता पर विशेष जोर दिया।

वैदिक कालीन आर्थिक अवस्था

ऋगवैदिक सभ्यता ग्राम सभ्यता थी। अतएव ऋग्वैदिक आर्थिक जीवन का मुख्य आधार गांव थे।

I) पशुपालन- पशुपालन वैदिक आर्यों का प्रमुख धंधा था। आर्य समाज में गाय की बड़ी महत्ता थी। अनेक ऋचाओं में गोधन के वृद्धि की प्रार्थना की गई है। वास्तव में पशु ही उनके धन थे। गाय के अतिरिक्त वे भेड़, बकरी, घोड़े, गधे, कुत्ते आदि पशुओं को भी पालते थे। चारागाह एवं चरवाहा का भी उल्लेख मिलता है। पशुओं के कानों में चिन्ह बनाने की भी प्रथा प्रचलित थी।

II) कृषि पशु-पालन के बाद कृषि ऋग्वैदिक आर्यों का प्रमुख उद्यम था। खेतों को बैल और हल द्वारा जोतते थे। जूती हुई भूमि को ‘उर्वर’ या ‘क्षेत्र’ कहते थे। हलों को छ:, आठ, और बारह बैलों द्वारा खींचने का भी वर्णन मिलता है। वे खाद का प्रयोग भी जानते थे। नदियों, कुओं, तालाबों और नहरों के पानी से सिंचाई की जाती थी। ऋग्वेद में फसलों को हंसिया से काटकर फिर अन्न को अलग-अलग करने का उल्लेख मिलता है। फसलों को क्षति पहुंचाने वाले कीड़े-मकोड़ों, पक्षियों आदि का भी ऋग्वेद में उल्लेख मिलता है। साधारणत: कृषि वर्षा के पानी पर निर्भर होती थी। अतिवृष्टि तथा अनावृष्टि से फसलें नष्ट हो जाती थी। अनेक मंत्रों में देवताओं से वर्षा के लिए प्रार्थना की गई है।

III) व्यापार तथा उद्योग- ऋग्वेद में विभिन्न प्रकार के गृह-उद्योगों का वर्णन मिलता है। सूत कातना एवं वस्र बनाना को ऋग्वैदिक आर्यों का प्रमुख उद्योग था। ऋग्वैदिक अर्थव्यवस्था में ‘लक्षण’ या बढ़ई का विशेष महत्व था। उन्हें लोहे का ज्ञान था और वे लोहे से अस्त्र-शस्रों का निर्माण करते थे। ‘कर्मकार’ या लुहार का भी ऋग्वैदिककालीन अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण स्थान था। इनके अतिरिक्त ऋग्वेद में ‘हिरण्यकार’ या सुनार, चर्मकार और कुंभार का भी उल्लेख मिलता है।

ऋग्वेदिक आर्य व्यापार करते थे। आंतरिक व्यापार गाड़ियों और नावों द्वारा होता था। बड़ी-बड़ी नौकाओं द्वारा व्यापार का उल्लेख मिलता है। साधारणत: वस्तु विनिमय का प्रचलन था। परंतु निष्क (एक प्रकार का आभूषण) का प्रयोग मुद्रा के रूप में होता था विदेशों से भी व्यापार होता था। सामुद्रिक यात्राओं का वर्णन मिलता है। ऋग्वेद में ऋण और ब्याज का उल्लेख मिलता है।

भारत की नदियाँ 

● भारत की पवित्र नदी कौन-सी है — गंगा

● गंगा को बांग्लादेश में किस नाम से जाना जाता है — पद्मा

● गंगा एवं ब्रह्मपुत्र की संयुक्त जलधारा किस नाम से जानी जाती है — मेघना

● भारत की कौन-सी नदी सुंदरवन डेल्टा बनाती है गंगा व ब्रह्मपुत्र

● सांगपो नदी किस राज्य से होकर भारत में प्रवेश करती है — अरुणाचल प्रदेश

● तवा किसकी सहायक नदी है — नर्मदा

● किस नदी को ‘बिहार का शोक’ कहा जाता है — कोसी

● कौन-सी नदी ‘बगाल का शोक’ कही जाती है — दामोदर नदी

● कौन-सी नदी भ्रंश दोणी से होकर बहती है — नर्मदा

● हाल ही में केंद्र सरकार ने किस नदी को राष्ट्रीय दर्जा देने की घोषणा की है — गंगा

● प्रायद्वीपीय भारत की सबसे बड़ी नदी कौन-सी है — गोदावरी

● भारत में बहने के अनुसार भारत की सबसे लंबी नदी कौन-सी है — गंगा

● कावेरी नदी कहाँ गिरती है — बंगाल की खाड़ी में

● पंजाब के निर्माण में सबसे महत्वपूर्ण नदी कौन-सी है — सिंधु

● कौन-सी नदी पश्चिम की ओर बहती है और अरब सागर में गिरती है — नर्मदा

● कौन-सी दो नदियों की लंबाई लगभग समान है — सिंधु (2880 किमी) व ब्रह्मपुत्र (2900 किमी)

● कावेरी जल विवाद किन राज्यों के बीच है — कर्नाटक और तमिलनाडु

● किस नदी को वृहद् गंगा के नाम से जाना जाता है — गोदावरी

● कौन-सी नदी अपना मार्ग बदलने के लिए प्रसिद्ध है — कोसी

● कौन-सी नदी ‘कपिल जलधारा प्रपात’ का निर्माण करती है— नर्मदा

● कौन-सी नदी ‘ओड़िशा का शोक’ कही जाती है — ब्राह्मणी

● वैन गंगा और पैन गंगा किस की सहायक नदी हैं — गोदावरी

● इंडोब्रह्मा है एक….. — पौराणिक नदी

● किस नदी पर सबसे लंबा सड़क पुल है — गंगा

● कौन-सी नदी विश्व का सबसे बड़ा द्वीप ‘मजुली’ बनाती है — ब्रह्मपुत्र

● नर्मदा नदी का अधिकांश भाग भारत के किस राज्य में बहता है — मध्य प्रदेश

● नदियों को जोड़ने की योजना किसके शासन काल में प्रस्तातिव हुई — राजग सरकार

● कौन-सी नदी रिफ्ट घाटी से होकर बहती है — ताप्ती

● कौन-सी नदी पर भारत व पाकिस्तान का जल समझौता हुआ — सिंधु

● सिंधु समझौते के अनुसार भारत सिन्धु नदी के कितने % जल का प्रयोग कर सकता है — 20%

● प्रायद्वीपीय नदियों का उत्तर से दक्षिण की ओर क्रम क्या है — महानदी, गोदावरी, कृष्णा, पेन्नार, कावेरी एवं वैगाई

● कौन-सी नदी भारत के केवल जम्मू-कश्मीर राज्य से होकर बहती है — सिंधु नदी

● पंचगंगा तथा दूधगंगा किसकी सहायक नदियाँ है कृष्णा नदी

● दामोदर नदी कहाँ से निकलती है — छोटा नागपुर के पठार से

● दक्षिणी भारत के पठारी प्रदेशों को कौन-सी नदी दो भागों में विभाजित करती है — नर्मदा नदी

● शिप्रा नदी किसकी सहायक नदी है — चंबल नदी

● भारत की कौन-सी नदी का मुहाना एवं उद्गम स्थल दोनों भारत में ही है — दक्षिण की ओर

● किस नदी के किनारे पर प्रसिद्ध महाकालेश्वर मंदिर है — नर्मदा नदी

● विश्व का सबसे बड़ा डेल्टा किन नदियाँ द्वारा निर्मित होता हैं — गंगा एवं ब्रह्मपुत्र द्वारा

● किस स्थान पर भागीरथी और अलकनंदा मिलकर गंगा का निर्माण करती है — देवप्रयाग में

● अरावली पर्वत श्रृंखला किस नदी प्रणाली से विभाजित होती है — चंबल एवं साबरमती

● लूनी नदी कहाँ गिरती है — कच्छ का रन

● तिब्बत में मानसरोवर झील के पास से कौन-सी नदियां निकलती हैं — सतलज, सिंधु, ब्रह्मपुत्र

● कौन-सी मुख्य प्रायद्वीपीय नदियां डेल्टा का निर्माण नहीं करती हैं — नमर्दा एवं ताप्ती

● कौन-सी नदी बांग्लादेश में जमुना के नाम से जानी जाती है — ब्रह्मपुत्र

● किस नदी को दूसरी गंगा के नाम से जाना जाता है — कावेरी नदी को

● पेन्नार की सहायक नदियाँ कौन-सी है — पापाधनी एवं चित्रावती

प्राचीन भारत का इतिहास

सिंधु घाटी सभ्यता

  • इतिहास का पिता किसे समझा जाता है—हेरोडोटस 
  • जिस काल में मानव की घटनाओं का कोई लिखित वर्णन नहीं होता, उस काल को क्या कहा जाता है—प्रागैतिहासिक काल 
  • मानव जीवन की घटनाओं का लिखित वर्णन क्या कहलाता है—इतिहास 
  • आग का अविष्कार किस युग में हुआ—पुरापाषण युग में 
  • पुरापाषण युग में मानव की जीविका का मुख्य आधार क्या था—शिकार करना 
  • पहिए का अविष्कार किस युग में हुआ—नवपाषण युग में 
  • हड़प्पा सभ्यता का प्रचलित नाम कौन-सा है—सिंधु घाटी की सभ्यता 
  • सिंधु की सभ्यता का काल क्या माना जाता है—2500 ई. पू. से 1750 ई.पू. 
  • सिंधु की घाटी सभ्यता में सर्वप्रथम घोड़े के अवशेष कहाँ मिले—सुरकोटदा 
  • सिंधु की घाटी सभ्यता के लोगों का मुख्य व्यवसाय क्या था—व्यापार 
  • हड़प्पा की सभ्यता किस युग की सभ्यता थी—कांस्य युग 
  • सिंधु की घाटी सभ्यता में घर किससे बने थे—ईंटों से 
  • हड़प्पा के लोग कौन-सी फसल में सबसे आगे थे—कपास 
  • हड़प्पा की सभ्यता की खोज सर्वप्रथम किसने की—दयाराम साहनी
  • सिंधु सभ्यता का प्रमुख बंदरगाह कौन-सा था—लोथल (गुजरात)
  • सिंधु की घाटी सभ्यता का स्थल ‘कालीबंगा’ किस प्रदेश में है— राजस्थान में
  • हड़प्पा की सभ्यता की खोज किस वर्ष हुई थी—1921 ई. 
  • हड़प्पा के लोगों की सामाजिक पद्धति कैसी थी—उचित समतावादी 
  • नखलिस्तान सिंधु सभ्यता के किस स्थल को कहा गया है—मोहनजोदड़ो 
  • हड़प्पा की सभ्यता में हल से खेत जोतने का साक्ष्य कहाँ मिला—कालीबंगा 
  • सैंधव सभ्यता की ईंटों का अलंकरण किस स्थान से प्राप्त हुआ—कालीबंगा 
  • सिंधु की सभ्यता में एक बड़ा स्नानघर कहाँ मिला—मोहनजोदड़ो में 
  • सिंधु सभ्यता की मुद्रा पर किस देवता का चित्र अंकित था—आघशिव 
  • मोहनजोदड़ो को एक अन्य किस नाम से जाना जाता है—मृतकों का टीला 
  • सैंधव स्थलों के उत्खन्न से प्राप्त मोहरों पर किस पशु का प्रकीर्णन सर्वाधिक हुआ—बैल 
  • सिन्धु सभ्यता का कौन-सा स्थान भारत में स्थित है—लोथल 
  • भारत में खोजा गया सबसे पहला पुराना शहर कौन-सा था—हड़प्पा 
  • भारत में चाँदी की उपलब्धता के साक्ष्य कहाँ मिले—हड़प्पा की संस्कृति में 
  • मांडा किस नदी पर स्थित था—चिनाब पर 
  • हड़प्पा की सभ्यता का प्रमुख स्थल रोपड़ किस नदी पर स्थित था—सतलज नदी 
  • हड़प्पा में एक अच्छा जलप्रबंधन का पता किस स्थान से चलता है—धोलावीरा से 
  • सिंधु सभ्यता के लोग मिट्टी के बर्तनों पर किस रंग का प्रयोग करते थे—लाल रंग 
  • सिंधु घाटी की सभ्यता किस युग में थी—आद्य-ऐतिहासिक युग में 
  • सिंधु घाटी का सभ्यता की खोज में जिन दो भारतीय लोगों के नाम जुड़े हैं, वे कौन हैं—दयाराम साहनी और आर.डी. बनर्जी 
  • सिंधु घाटी सभ्यता की प्रमुख फसल कौन-सी थी—जौ एवं गेहूँ 
  • हड़प्पा की समकालीन सभ्यता रंगपुर कहाँ है—सौराष्ट्र में 
  • हड़प्पा और मोहनजोदड़ो की खुदाई किसने कराई—सर जॉन मार्शल 
  • सिंधु सभ्यता के लोग सबसे अधिक किस देवता में विश्वास रखते थे—मातृशक्ति 
  • हड़प्पा की सभ्यता में मोहरे किससे बनी थी—सेलखड़ी से 
  • किस स्थान से नृत्य मुद्रा वाली स्त्री की कांस्य मूर्ति प्राप्त हुई—मोहनजोदड़ो से 
  • मोहनजोदड़ो इस समय कहाँ स्थित है— सिंध, पाकिस्तान
  • हड़प्पावासियों ने सर्वप्रथम किस धातु का प्रयोग किया—ताँबे का 
  • स्वतंत्रता के बाद भारत में हड़प्पा के युग के स्थानों की खोज सबसे अधिक किस राज्य में हुई—गुजरात 
  • हड़प्पा के निवासी किस धातु से परिचित नहीं थे—लोह से 
  • हड़प्पा की सभ्यता किस युग की सभ्यता थी—ताम्रयुग 
  • हड़प्पा का प्रमुख नगर कालीबंगन किस राज्य में है—राजस्थान में 
  • हड़प्पा के निवासी किस खेल में रूचि रखते थे—शतरंज 
  • हड़प्पा के किस नगर को ‘सिंध का बाग’ कहा जाता था—मोहनजोदड़ो को 
  • मोहनजोदड़ो का शाब्दिक अर्थ क्या है—मृतकों का टीला 
  • हड़प्पा के निवासी घरों एवं नगरों के विन्यास के लिए किस पद्धति को अपनाते थे—ग्रीड पद्धति को 

Governors-General and Viceroys of India: 1858–1947

Governors-General and Viceroys of India: 1858–1947

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Name

Began

Ended

The Viscount Canning
from 1859, the Earl Canning
1 November 1858 21 March 1862
The Earl of Elgin 21 March 1862 20 November 1863
Sir Robert Napier
(Provisional)
21 November 1863 2 December 1863
Sir William Denison
(Provisional)
2 December 1863 12 January 1864
Sir John Lawrence 12 January 1864 12 January 1869
The Earl of Mayo 12 January 1869 8 February 1872
Sir John Strachey
(Provisional)
9 February 1872 23 February 1872
The Lord Napier
(Provisional)
24 February 1872 3 May 1872
The Lord Northbrook 3 May 1872 12 April 1876
The Lord Lytton 12 April 1876 8 June 1880
The Marquess of Ripon 8 June 1880 13 December 1884
The Earl of Dufferin 13 December 1884 10 December 1888
The Marquess of Lansdowne 10 December 1888 11 October 1894
The Earl of Elgin 11 October 1894 6 January 1899
The Lord Curzon of Kedleston 6 January 1899 18 November 1905
The Earl of Minto 18 November 1905 23 November 1910
The Lord Hardinge of Penshurst 23 November 1910 4 April 1916
The Lord Chelmsford 4 April 1916 2 April 1921
The Earl of Reading 2 April 1921 3 April 1926
The Lord Irwin 3 April 1926 18 April 1931
The Earl of Willingdon 18 April 1931 18 April 1936
The Marquess of Linlithgow 18 April 1936 1 October 1943
The Viscount Wavell 1 October 1943 21 February 1947
The Viscount Mountbatten of Burma 21 February 1947 15 August 1947

दक्षिण भारत

 

  • कौन-सा शहर चोल राजाओं की राजधानी था — तंजौर
  • श्रीलंका पर विजय प्राप्त करने वाला प्रसिद्ध राजा कौन था — राजेंद्र I
  • तंजौर में स्थित राजराजेश्वर मंदिर का निर्माण किसने कराया — राजराजा प्रथम
  • किस राष्ट्रकूट शासक ने पहाड़ी काटकर एलौरा के विश्वविख्यात कैलाश नाथ मंदिर का निर्माण कराया — कृष्ण प्रथम ने
  • राष्ट्रकूट साम्राज्य का संस्थापक कौन था — दंतिदुर्ग
  • किस राजवंश ने श्रीलंका व दक्षिण पूर्व एशिया को जीता — चोल वंश
  • विरुपाक्ष मंदिर का निर्माण किसने कराया — चालुक्य
  • पल्लवों का एकाश्मीय रथ कौन-सी जगह मिला — महाबलिपुरम्
  • होयसल की राजधानी कहाँ थी — द्वारसमुद्र
  • यादव सम्राटों की राजधानी कहाँ थी — देवगिरि
  • किस शासक ने अरब सागर में भारतीय नौसेना की सर्वोच्चता स्थापित की — राजराजा प्रथम
  • पांड्य साम्राज्य की राजधानी कहाँ थी — मदुरै
  • ऐहोल का लाढखाँ मंदिर किस देवता का है — सूर्य देवता
  • माम्मलपुरम् किसका समानार्थी है — महाबलिपुरम्
  • किस वंश के शासक के पास एक शक्तिशाली नौसेना थी — चोलवंश
  • भगवान नटराज का प्रसिद्ध मंदिर कहाँ स्थित है — चिदंबरम्
  • राष्ट्रकूटों का पतन किसने किया — तैलप II
  • प्रशासन के क्षेत्र में चोल वंश की मुख्य देन क्या थी — सुसंगठित स्थानीय स्वशासन
  • तीन मुख वाली ब्रह्मा, विष्णु व महेश की मूर्ति कहाँ स्थित है — ऐलीफैंट गुफा में
  • महाभारत’ का ‘भारत वेणता’ के नाम से किसने तमिल भाषा में अनुवाद किया — पेरुंदेवनार ने
  • राजेंद्र चोल द्वारा बंगाल अभियान के समय बंगाल का शासक कौन था — महिपाल I
  • चालुक्य विक्रम संवत्’ का शुभारंभ किसने किया — विक्रमाद्वित्य VI ने
  • पल्लवों की राजभाषा क्या थी — संस्कृत
  • 12वीं सदी के राष्ट्रकूट वंश के पाँचशिला लेख किस राज्य में मिले — कर्नाटक
  • कौन-से राजवंश के शासक अपने शासन काल में उत्तराधिकारी नियुक्त कर देते थे — चोल वंश
  • दक्षिणी भारत का तक्कोलम का युद्ध किस-किस के मध्य हुआ — चोल वंश व राष्ट्रकूटों के मध्य
  • द्रविड़ शैली के मंदिरों में ‘गोपुरम’ का क्या अर्थ है — तीरण के ऊपर बने अलंकृत एवं बहुमंजिला भवन
  • चोलों को राज्य कहाँ तक फैला था — कोरोमंडल तट व दक्कन के कुछ भाग तक
  • चोल शासकों के समय बनी प्रतिमाओं में सबसे विख्यात कौन-सी प्रतिमा थी — नटराज शिव की कांस्य प्रतिमा
  • चोल युग किसके लिए प्रसिद्ध था — ग्रामीण सभाओं के लिए
  • किस राजवंश का काल कन्नड़ साहित्य की उत्पत्ति का काल माना जाता है — राष्ट्रकूट
  • होयसल स्मारक कहाँ है — मैसूर व बैंगालूरू में
  • चोलों द्वारा किसके साथ घनिष्ठ राजनीति तथा वैवाहिक संबंध स्थापित किए गए — वेंगी के चालुक्य
  • चोल काल में निर्मित नटराज की कांस्य प्रतिमाओं में देवाकृति कैसी थी — चतुर्भज
  • चोल साम्राज्य का संस्थापक कौन था — विजयपाल
  • रुद्रंवा किस राजवंश की प्रसिद्ध महिला शासक थी — काकतीय राजवंश की
  • राजराजा प्रथम का मूल नाम क्या था — अरिमोल वर्मन
  • चोलयुग में ‘कडिमै’ का अर्थ क्या था — भू-राजस्व/लगान
  • तंजौर में स्थित राजराजेश्वर मंदिर किस देवता का है — शिव का
  • चोल युग में किसने ‘हिरण्यगर्भ’ नामक त्यौहार का आयोजन किया — लोकमहादेवी ने
  • चोल युग में सोने के सिक्के क्या कहलाते थे — कुलंजु
  • चोल युग में युद्ध में विशेष पराक्रम दिखाने वाले योद्धा को कौन-सी उपाधि दी जाती थी — क्षत्रिय शिखमणि
  • पुलकेशिन द्वितीय किसके समकालीन था — हर्षवर्धन
  • काँची के कैलाशनाथ मंदिर का निर्माण किसने कराया — नरसिंह वर्मन II
  • होयसल वंश का अंतिम शासक कौन था — बल्लाल III
  • चोल राजाओं ने किस धर्म को संरक्षण प्रदान किया — शैवधर्म को
  • विचित्र चित्त’ की उपाधि किस पल्लव वंश के शासक ने धारण की — महेंद्र वर्मन II
  • चोलवंश का संस्थापक विजयपाल पहले किसका सामंत था — पल्लवों को
  • शृंगार्थ दीपिका’ की रचना किसने की — वेंकट माधव ने
  • तैलप II ने किस नदी में आत्महत्या की थी — तुंगभद्र नदी में

 

 

​पूर्व मध्यकालीन भारत 

  • उत्तर भारत
  • राजपूत काल कब से कब तक माना जाता है — छठी सदी से बारहवीं सदी तक
  • 712 ई. में सिंध पर मोहम्मद बिन कासिम के आक्रमण के समय वहाँ का शासक कौन था — दाहिर
  • सर्वप्रथम जजिया कर लगाने का श्रेय किसे दिया जाता है — मोहम्मद बिन कासिम
  • ‘दिल्लिका’ किसका पुराना नाम है — दिल्ली का
  • ‘पृथ्वीराजरासों’ की रचना किसने की — चंद्रबरदई ने
  • प्रसिद्ध दिलवाड़ा जैन मंदिर कहाँ स्थित है — माउंट आबू पर
  • खजुराहो में स्थित मंदिरों का निर्माण किसने कराया — चंदेल शासकों ने
  • विजय स्तंभ कहाँ स्थित है — चित्तौड़गढ़
  • महमूद गजनवी ने भारत पर कितनी बार आक्रमण किये — 17 बार
  • महमूद गजनवी का प्रसिद्ध आक्रमण कौन-सा था — सोमनाथ मंदिर पर आक्रमण
  • मुहम्मद गजनवी ने गुजरात के प्रसिद्ध सोमनाथ मंदिर को कब लूटा — 1206 ई.
  • सोमनाथ मंदिर पर मुहम्मद गजनवी के आक्रमण के समय गुजरात का शासक कौन था — भीमदेव I
  • किस नाटक के कुछ अंश ‘अढ़ाई दिन का झोपड़ा’ नामक मस्जिद पर लिखे हैं — हरिकेलि
  • रानी पद्मनी का नाम खिलजी की चित्तौड़ विजय से जोड़ा जाता है। रानी पद्मनी किसकी पत्नी थीं — राणा रतन सिंह
  • विक्रमशिला विश्वविद्यालय की स्थापना की — धर्मपाल
  • ‘गीत गोविंद’ किसने लिखी — जयदेव
  • जयदेव किसकी सभा को अलंकृत करते थे — लक्ष्मण सेन
  • किसने सोमपुर महाविहार का निर्माण कराया — धर्मपाल
  • भारत पर सर्वप्रथम अरब आक्रमण किसने किया — मुहम्मद बिन कासिम
  • जगन्नाथ मंदिर किस राज्य में है — ओड़िशा
  • कोणार्क में स्थित सूर्य देव मंदिर के संस्थापक कौन थे — नरसिंह I
  • ब्लैक पगोड़ा कहाँ स्थित है — कोणार्क में
  • ‘अलवर’ के संस्थापक कौन थे — अजय पाल
  • किय शासक के दरबार में जैन आचार्य हेमचंद्र को संरक्षण मिला — जय सिंह (सिद्धराज
  • चंदावर का युद्ध किस-किस के मध्य हुआ — जयचंद और मोहम्मद गौरी
  • लिंगराज मंदिर कहाँ स्थित है — भुवनेश्वर में
  • लिंगराज मंदिर की नींव किसने डाली — ययाति केसरी ने
  • बंगाल के पाल वंश का संस्थापक कौन था — गोपाल
  • किस पाल शासक को गुजराती कवि सोडढल ने ‘उत्तरापथ स्वामिन’ कहा — धर्मपाल
  • हिंदू विधि की प्रसिद्ध पुस्तक ‘दायभाग’ की रचना किसने की — जीमूतवाहन
  • ‘रामचरित’ की रचना किसने की — संध्याकर नंदी ने
  • प्रतिहार राजवंश की स्थापना किसने की — हरिश्चंद्र ने
  • मिहिर भोज का पुत्र कौन-था — महेंद्रपाल
  • ‘काव्यमीमांसा’ नामक ग्रंथ किसने लिखा — राजशेखर ने
  • तोमर वंश का संस्थापक कौन था — राजा अनंगपाल
  • किस शासक को ‘रायपिथौरा’ कहा जाता है — पृथ्वीराज चौहान को
  • कायस्थों का एक जाति के रूप में प्रथम उल्लेख कहाँ मिलता है — ओशनम स्मृति में
  • हिंदू विधि पर ‘मिताक्षरा’ नामक पुस्तक किसने लिखी — विज्ञानेश्वर ने
  • राजस्थान के इतिहास का प्रणेता किसे माना जाता है — कर्नल टॉड़
  • सेन वंश की स्थापना किसने की — सामंत सेन ने
  • ‘समरांगण सूत्रधार’ विषय किससे संबंधित है — स्थापत्य शास्त्र से
  • तराइन का प्रथम युद्ध कब हुआ — 1191 ई.
  • तराइन का प्रथम युद्ध किस-किस के बीच हुआ — पृथ्वीराज चौहान व मोहम्मद गौरी
  • तराइन का दूसरा युद्ध कब हुआ — 1192 ई.
  • तराइन के द्वितीय युद्ध में किसकी पराजय हुई — पृथ्वीराज चौहान की
  • भारत पर प्रथम तुर्क आक्रमण किसने किया — महमूद गजनवी के पिता सुबुक्तगीन ने
  • महमूद गजनवी ने प्रथम आक्रमण किस राज्य के विरुद्ध किया था — हिंदूशाही
  • हिंदूशाही राज्य की राजधानी कहाँ थी — उदभांडपुर/ओहिंद
  • महमूद गजनवी का राजदरबारी कवि कौन था — फिरदौसी
  • ‘शहनामा’ के रचियता कौन है — फिरदौसी
  • महमूद गजनवी के आक्रमण के फलस्वरूप कौन-सा शहर फारसी संस्कृति का केंद्र बना — लाहौर
  • वाहिंद का युद्ध कब व किस-किस के बीच लड़ा गया — महमूद गजनवी व आनंदपाल
  • मोहम्मद गौरी किस वंश का शासक था — शंसवनी
  • मोहम्मद गौरी ने 1175 ई. में भारत पर पहला आक्रमण किस राज्य के विरुद्ध किया — मुल्तान

List of Governors-General: 1774-1858

Governors-General of India, 1774–1858

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Name

Began

Ended

Warren Hastings 20 October 1784 1 February 1785
Sir John MacPherson
(Provisional)
1 February 1785 12 September 1786
The Earl Cornwallis
(from 1792, The Marquess Cornwallis)
12 September 1786 28 October 1793
Sir John Shore 28 October 1793 March 1798
Sir Alured Clarke
(Provisional)
March 1798 18 May 1798
The Earl of Mornington
(from 1799, The Marquess Wellesley)
18 May 1798 30 July 1805
The Marquess Cornwallis 30 July 1805 5 October 1805
Sir George Hilario Barlow
(Provisional)
10 October 1805 31 July 1807
The Lord Minto 31 July 1807 4 October 1813
The Earl of Moira
(from 1817, The Marquess of Hastings)
4 October 1813 9 January 1823
John Adam
(Provisional)
9 January 1823 1 August 1823
The Lord Amherst
(from 1826, The Earl Amherst)
1 August 1823 13 March 1828
William Butterworth Bayly
(Provisional)
13 March 1828 4 July 1828
Lord William Bentinck 4 July 1828 20 March 1835
Sir Charles Metcalfe
(Provisional)
20 March 1835 4 March 1836
The Lord Auckland
(from 1839, The Earl of Auckland)
4 March 1836 28 February 1842
The Lord Ellenborough 28 February 1842 June 1844
William Wilberforce Bird
(Provisional)
June 1844 23 July 1844
Sir Henry Hardinge
(from 1846, The Viscount Hardinge)
23 July 1844 12 January 1848
The Earl of Dalhousie
(from 1849, The Marquess of Dalhousie)
12 January 1848 28 February 1856
The Viscount Canning 28 February 1856 1 November 1858

 

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